लोभ, मोह विवाद की जड़ है तो त्याग, समर्पण सुख, शांति समृद्धि का घर- पंडित रामकुमार दुबे
संवाददाता – राजाराम राठौर
हरदीबाजार (न्यूज वाला)। आप जब भी ईश्वर हो या बड़ों से कुछ मांगे तो निश्छल ,एक बालक की तरह मांगे आप की इच्छा जरूर पूरी होगी,लोभ,मोह व जिस पर अपना अधिकार नही और उसे जबरदस्ती पाने की ज़िद करना महाभारत कराता है,जैसे दुर्योधन राजा के योग्य नहीं था फिर भी राजा बनने की ज़िद की जिससे महाभारत हुआ ।

वहीं श्री राम राजा बन सकते थे लेकिन राजा का पद त्याग कर वनवास अपनाया जिससे रामायण बन गया,श्री राम मे आदर्श,मर्यादा,त्याग ,प्रेम और बड़ो की आज्ञा को सर्वोपरी रखा ।

उक्त कथा ग्राम मुढ़ाली में कश्यप परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के दौरान कही, कथा 16 जून को कलश शोभा यात्रा से आरंभ होकर 23 जून को कथा विश्राम, चढ्त्तोरी व 24 जून को हवन व सहस्त्रधारा, ब्राह्मण भोजन के साथ होगा ,कथा प्रतिदिन सांय 4 बजे से हरि इच्छा तक पंडित रामकुमार दुबे बांकीमोंगरा वाले व्यास पीठ से भक्तों को कथा श्रवण करा रहे हैं। इस दौरान कथा श्रवण करने क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामवासी व श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं,भजन पर थिरकते,झुमते हुए भाव विभोर हो रहे हैं,मानो मुढ़ाली में भक्ति की बयार बह रही हो । इस दौरान यजमान कन्हैयालाल त्रिवेणी, सुंदरलाल विमला बाई,गणेशराम शैल,दिनेश मालती,प्रदीप दुर्गा, अरुण मंजू,जवाहर कश्यप,भरत,टिकैत कश्यप,गयाराम,बिहारी,बंशी कश्यप, जगदीश अग्रवाल व राजाराम राठौर सहित बड़ी संख्या में ग्राम व क्षेत्रवासी उपस्थित थे।












































































































































































































































































































































